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Thursday, June 23, 2011

जब पैदल चलना हो जाता है मुश्किल

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पूर्वी दिल्ली: लक्ष्मी नगर स्थित मंगल बाजार दिन-प्रतिदिन चमक खोता जा रहा है। इसका कारण एक तो दुकानदारों का सड़क पर कब्जा है, दूसरे रेहड़ी वाले भी सड़क को घेरे रहते हैं। बाजार में खरीददारी के लिए आने वाले लोगों का हाल बुरा है। सड़कों पर अस्त-व्यस्त तरीके से गाडि़यां खड़ी होने से अक्सर जाम लग जाता है। दुकानदारों की शिकायत के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय दुकानदारों में निराशा है।

उल्लेखनीय है कि यह बाजार मंगलवार को पूरे रंगत में होता है। मुख्य बाजार होने के कारण सामान्य दिनों में भी यहां लोगों की काफी भीड़ होती है। पूर्वी दिल्ली और आस-पास के लोग यहां कपड़े और गहनों की खरीददारी के लिए आते हैं। प्रशासनिक उदासीनता से अतिक्रमण ने बाजार की चमक को फीका कर दिया है। सड़क और नालों पर रेहड़ी और पटरी वालों का कब्जा है और रही-सही कसर लोग अव्यवस्थित तरीके से गाडि़यां खड़ी कर पूरी कर देते हैं। उससे आए दिन यहां जाम की समस्या बनी रहती है।

ट्रेडर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदुम्न जैन ने बताया कि इस बाबत दिल्ली पुलिस कमिश्नर, निगम आयुक्त सहित सभी स्थानीय अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। शकरपुर थाना अध्यक्ष और पूर्व बीट अफसर निजामुद्दीन की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।

स्थानीय दुकानदार पे्रम जीत सिंह, हरचरण सिंह, नेम चंद गर्ग और नरेंदर मारीचा ने बताया कि अव्यवस्था के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो रही है और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुलिस की गैर-मौजूदगी, सुरक्षा व्यवस्था की कमी, सफाई व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही और वाहन पार्किंग का न होना जाम की बड़ी वजह माना जा रहा है।

निगम पार्षद बीबी त्यागी ने बताया कि वाहनों की पार्किंग के उद्देश्य से बाजार में खाली पड़ी भूमि को पार्किग स्थल बनाया गया था। बाद में इस भूमि पर कानूनी विवाद हो जाने से मामला अधर में लटक गया। अतिक्रमण और सफाई समेत अन्य दूसरी समस्याओं से निपटने के लिए शीघ्र ही कदम उठाए जाने का उन्होंने आश्वासन दिया है।

महीनों से खुदी सड़क परेशानी का सबब

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पूर्वी दिल्ली : गणेश नगर एक्सटेंशन क्षेत्र की गली संख्या-11 की सड़क महीनों से खुदी पड़ी है। उससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। नाले की नियमित सफाई न होने से नाले ओवर फ्लो हो जाते हैं और उनका गंदा पानी गलियों में भर जाता है। उधर, स्ट्रीट लाइटें दिन में तो जलती हैं, मगर रात में बंद हो जाती हैं। उससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोग कई बार निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय निवासी रणधीर कुमार, सरिता तेलंग और सोहन लाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन माह पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई थीं। सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों को यूं ही छोड़ दिया गया। उससे सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। ऐसे में आवागमन में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। खराब सड़क के कारण लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। उधर, उनके क्षेत्र में नालों की नियमित सफाई न होने के कारण उनमें गाद भरी पड़ी है।

रोक के बावजूद सड़क पर सब्जी मंडी

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पूर्वी दिल्ली : शाहदरा के भोलानाथ नगर स्थित पुराने रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से सब्जी मंडी लगाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। यह स्थिति उस समय है, जब प्रशासन ने 2003 के दौरान सड़क पर सब्जी मंडी लगाने पर रोक लगा दी थी। सड़क पर सब्जी मार्केट लगने से घंटों जाम लगा रहता है। सड़ी हुई सब्जियों को फेंकने से नाले भर जाते हैं और जरा सी बारिश होने पर सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। शाम को असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन आपराधिक वारदात होती रहती हैं।

उल्लेखनीय है कि 2003 में प्रशासन ने सब्जी मंडी को अवैध घोषित कर उसे हटा कर गाजीपुर स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता यहां से चले गए थे। कुछ यहां रहकर आज भी सड़क और गलियों में मंडी लगा रहे हैं। सड़क के आस-पास नालों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। वे नाले के गंदे पानी का इस्तेमाल सब्जियों को धोने में भी करते हैं। सड़ी सब्जियों को नाले में फेंकने से वहां का वातावरण दूषित हो गया है। बरसात के दौरान नाले जाम होने से सड़क पर पानी भर जाता है। उससे आवागमन बाधित हो जाता है और लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थानीय पुलिस और सब्जी विक्रेताओं की सांठगांठ का नतीजा है। पुलिस वसूली करती है। दबाव बढ़ने पर पुलिस कुछ दिनों तक सख्ती दिखाती है, फिर स्थिति पहले जैसी बन जाती है। लोगों का कहना है कि शाहदरा मेट्रो और रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों से अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व लूटपाट और छीनाझपटी करते हैं।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दुकानों के आगे लगने वाली ठेलियों से उन्हें परेशानी होती है। रोकने पर ये लोग हंगामा करते हैं और मरने-मारने की धमकी भी देते हैं।

निगम पार्षद निर्मल जैन से बात की गई तो उन्होंने मंडी वाली जगह को रेलवे के अधिकार क्षेत्र में बताया और कार्रवाई के लिए रेलवे को जिम्मेवार बताया।

पशु अस्पताल का भवन हुआ जर्जर, सुविधाएं भी नहीं



पूर्वी दिल्ली : शकरपुर के यू ब्लाक स्थित पशु चिकित्सालय बदहाल है। अस्पताल की इमारत जर्जर है। कुत्तों के लिए एंटी रेबीज इंजेक्शन भी नहीं है। दुधारू पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की भी व्यवस्था नहीं है।

क्षेत्र का यह इकलौता अस्पताल है, जहां शकरपुर, लक्ष्मी नगर, मंडावली और आस-पास के कई इलाकों से लोग जानवरों का इलाज कराने आते हैं। उनमें कुत्ते पालने वालों की संख्या ज्यादा होती है। झील, मोती बाग और नरेला में जानवरों के अस्पताल हैं, जो यहां के लोगों के लिए बहुत दूर हैं। कुत्तों को एंटी रेबीज इंजेक्शन और गर्भाधान के लिए लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है।

अलका गोस्वामी ने बताया कि इलाके के लोग ज्यादातर कुत्ते पालते हैं। ऐसे में कुत्तों की सेहत बिगड़ने पर वे इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। अस्पताल के प्रमुख डॉ. डीपी सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में अब यहां लोग बड़े जानवरों को कम लाते हैं। कुत्तों से संबंधित दवाइयां उपलब्ध हैं। उन्होंने एंटी रेबीज वैक्सीन और कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था न होने की बात मानी और कहा कि सुधार के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया गया है।

हरियाली को तरसता गणेश वाटिका पार्क


पूर्वी दिल्ली : गणेश नगर पार्ट-2 स्थित गणेश वाटिका पार्क हरियाली को तरस रहा है। पार्क में घास की जगह कूड़े और सडे़ हुए पत्ते बिखरे पड़े हैं। पार्क के नाम पर यहां कुछ पेड़ जरूर हैं, जिससे पार्क का वजूद अब तक बना है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग पार्क का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। लोगों को सुबह की सैर के लिए दूसरे पार्को का सहारा लेना पड़ता है, जो उनके इलाके से काफी दूर हैं। खासकर बुजुर्गो और महिलाओं को दिक्कत होती है।

स्थानीय निवासी एके गुप्ता, विकास मल्होत्रा और सुमित ने बताया कि पार्क की बदहाली लंबे समय से है। कुछ स्थानीय और प्रभावशाली लोग पार्क का उपयोग कार पार्किग के लिए भी करते हैं। लोगों ने अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। असामाजिक तत्व बेखौफ होकर पार्क में घूमते रहते हैं और सरेआम शराब पीते देखे जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग के निरीक्षक का कार्यालय पार्क से कुछ ही दूरी पर स्थित है।

वार्ड पार्षद लता गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने समस्याओं से इनकार नहीं किया और बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पार्क के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया है। दूसरी समस्याओं को जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।

लक्ष्मी नगर चौक पर वाहनों के जमावड़े से अव्यवस्था

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पूर्वी दिल्ली, जागरण संवाददाता : लक्ष्मी नगर चौक पर इन दिनों निगम अधिकारियों की लापरवाही से अतिक्रमण की भरमार है। चौक पर तिपहिया वाहन चालकों ने अतिक्रमण कर रखा है। दुकानदारों ने भी फुटपाथ पर अतिक्रमण किया है। सड़क पर पैदल चलने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वे अक्सर हादसों का शिकार होते रहते हैं। स्थानीय लोग कई बार निगम अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

शकरपुर निवासी दीपक, लक्ष्मी नगर निवासी संजय और श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि लक्ष्मी नगर चौक पर इन दिनों अवैध ऑटो स्टैंड बन गया है। इस चौक से विकास मार्ग की ओर और मदर डेयरी की ओर जाने वाली सड़कों पर ऑटो सड़क पर जमे रहते हैं और सवारियों का इंतजार करते हैं। उनमें ग्रामीण सेवा के भी वाहन शामिल हैं। इस वजह से मार्ग संकरा हो जाता है और अक्सर जाम लगा रहता है। उससे लोगों को परेशानी होती है।

दूसरी ओर, इस चौक के आस-पास की सड़कों पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर अपनी दुकानें आगे बढ़ा ली हैं। पैदल चलने वाले लोगों को फुटपाथ पर जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है और ऐसा करने से वे वाहन की चपेट में आकर हादसों का शिकार हो रहे हैं।

दिल्ली नगर निगम शाहदरा साउथ जोन के चेयरमैन बीबी त्यागी का कहना है कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से दोबारा अतिक्रमण हो जाता है। सड़क से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जितनी निगम की है, उतनी ही पुलिस की भी।जल्द ही पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत कर अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई की जायेगी